टिग मिग वेल्डिंग

फेब्रिकेशन में वेल्डिंग एक महत्वपूर्ण प्रक्रिया होती है। वेल्डिंग के अनेक प्रकारो मे से टिग और मिग वेल्डिंग की बारेमे ये कोर्स आपको महत्वपूर्ण जानकारी देगा।

टिग वेल्डिंग में दो जुड़नेवाले धातुओं को गर्मी से पिघा दिया जाता है, जिससे वो धातु पिघलकर एकदूसरे में जुड़ जाते है।टिग वेल्डिंग का उपयोग तेल की टंकिया,सायलेंसर्स, दरवाजे के दस्ते, मोटर सायकल फ्रेम्स बनाने में किया जाता है। इस वेल्डिंग से स्टील, एल्युमीनियम, कॉपर, ब्रॉन्ज़ ऐसे धातुओंको जोड़ा जा सकता है। मिग वेल्डिंग स्वयंचालित या अर्ध स्वयंचालित वेल्डिंग प्रक्रिया है। इस प्रक्रिया में इलेक्ट्रोड और वर्कपीस के बिच एक इलेक्ट्रिक आर्क बनता है; जिससे धातु पिघलकर एकदूसरे में जुड़ जाता है। मिग वेल्डिंग का उपयोग स्टील के स्ट्रक्चर, ऑटोमोबाइल के कारखाने, बिल्डिंग कन्स्ट्रक्टशन पिपेलिए वेल्डिंग इत्यादि में किया जाता है।

पाठ्यक्रम सामग्री:

  • कोर्स की जानकारी
  • टिग और मिग वेल्डिंग – परिचय।
  • टिग वेल्डिंग का महत्व, कार्य एवं प्रदर्शन।
  • टिग वेल्डिंग के दौरान आने वाली समस्याएं और उनका हल।
  • मिग वेल्डिंग का महत्व, कार्य एवं प्रदर्शन।
  • मिग वेल्डिंग के दौरान आने वाली समस्याएं और उनका हल।
  • टिग और मिग वेल्डिंग व्यवसाय का अर्थशास्त्र।
  • टिग और मिग वेल्डिंग के दौरान आवश्यक सुरक्षा और रखरखाव।
  • सामाजिक कौशल्य
टिग -मिग वेल्डिंग, भाग – 1
टिग -मिग वेल्डिंग, भाग – 2
टिग -मिग वेल्डिंग, भाग – 3
टिग -मिग वेल्डिंग, भाग – 4
टिग -मिग वेल्डिंग, भाग – 5
टिग -मिग वेल्डिंग, भाग – 6
टिग -मिग वेल्डिंग, भाग – 7